आतंकवाद पर निबंध – Aatankvaad Par Nibandh – Essay On Terrorism In Hindi | Quickly Read

हेलो दोस्तो आज इस पोस्ट में हम आपको (आतंकवाद पर निबंध – Aatankvaad Par Nibandh – Essay On Terrorism In Hindi)  के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं। यह निबंध भारत मे होने वाली परीक्षाओ की दृष्टि से बहुत ही उपयोगी है। जो भी छात्र कम्पटीशन की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें हमारा यह पोस्ट जरूर पड़ना चाहिये।

आतंकवाद पर निबंध-Essay On Terrorism In Hindi

प्रस्तावना

आतंकवाद वह विचारधारा है जो आतंक या  डर पर आधारित होती है। पुराने समय से अभी तक आतंकवाद का स्वरूप लगातार बदलता जा रहा है परंतु डर की प्रकृति सामान्यतः एक जैसी ही है आज के समय आतंकवाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने पैर फैला चुका है।

भारत और विश्व में हुई आतंकवादी घटनाओं को देखकर यह समझा जा सकता है कि आतंकवाद का खतरा कितना गंभीर है। जैसे – 18 सितंबर 2016 को जम्मू और कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास स्थित भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर हुआ एक आतंकवादी हमला इस हमले में 16 जवान शहीद हो गए और सैनिक कार्यवाही में 4 आतंकवादी को मार दिया गया था यहां भारतीय सेना पर किया गया लगभग 29 सालों में सबसे बड़ा हमला था।

फरवरी 2019 में जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले में 40 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, इसी के बाद अप्रैल 2019 में ईस्टर संडे के अवसर पर श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों से पूरा श्रीलंका दहल गया।

आतंकवाद एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। (आतंकवाद पर निबंध) जो पूरी दुनिया को अपने कब्जे में लेने के लिए मानव दिमाग का बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। लोगों को कमजोर बनाने के लिए उन्हें डरा रहा है, जिससे वह दोबारा से पूरे विश्व पर राज कर सकें। इसको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधारने की जरूरत है हमें इसे जड़ से खत्म करने के बारे में सोचना होगा।

              आतंकवाद पर निबंध

मानव मस्तिष्क से असाधारण आतंकवाद को हटाने के साथ ही इसके साम्राज्य को पूरी तरह से निस्तनाबूद करने के लिए हमें एक मजबूत नीति बनानी चाहिए। आतंकवाद अपने सकारात्मक परिणामों को पाने के लिए हिंसात्मक तरीका अपनाता है।

आतंकवाद एक हिंसात्मक कुकृत्य है जिसको अंजाम देने वाले समूह को आतंकवादी कहते हैं वह बहुत साधारण लोग होते हैं और दूसरों के द्वारा उनके साथ घटित हुए कुछ गलत घटनाओं या कुछ प्राकृतिक आपदाओं के कारण वह किसी तरह अपने दिमाग पर से अपना नियंत्रण खो देते हैं। जो उनकी इच्छाओं को सामान्य तरीके से पूरा करने में अक्षम बना देता है।

धीरे-धीरे वह समाज के कुछ बुरे लोगों के प्रभाव में आ जाते हैं जहां उनकी सभी इच्छाओं को पूरा करने का वादा किया जाता है वह सभी एक साथ मिलते हैं। और आतंकवादी समूह बनाते हैं जो कि अपनी ही राष्ट्र समाज और समुदाय से लड़ता है आतंकवाद देश के सभी युवाओं के विकास और वृद्धि को प्रभावित करता है।

 

एक भारतीय नागरिक के रूप में आतंकवाद को रोकने के लिए हम सभी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं और यह तभी रुकेगा जब हम कुछ बुरे और परेशान लोगों की लालच भरी बातों में कभी नहीं आएंगे।

भारत में आतंकवाद

भारत में पिछली सदी के दो दशकों के पंजाब के आतंकवाद जम्मू और कश्मीर के आतंकवादी वर्तमान में विभिन्न राज्यों में सक्रिय नक्सलवाद और उत्तर-पूर्व के राज्यों में फैले उग्रवाद को आतंकवाद की परिभाषा में सम्मिलित किया जा सकता है।

भारत में जम्मू और कश्मीर के आतंकवाद पंजाब के आतंकवाद नक्सलवाद और उग्रवाद को आतंकवाद की श्रेणी में सम्मिलित किया जाता है यह ऐसी जगह है जहां पर आतंकवादी हमले को ज्यादातर अंजाम दिया जाता है।

भारत में 2016 तक कुल 38 आतंकवादी संगठनों को गैर प्रतिनिधि निवारण अधिनियम ( UAPA )के द्वारा प्रतिबंधित किया जा चुका है।

भारत में आतंकवाद का स्वरूप कैसा है।

भारत में सक्रिय आतंकवादी संगठनों की प्रकृति एक जैसी नहीं है सभी आतंकवादी संगठनों के अपने लक्ष्य प्राप्ति के अलग-अलग तरीके होते हैं। भारत में जम्मू कश्मीर असम, पंजाब, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा, बिहार, बंगाल ,महाराष्ट्र आदि में आतंकवादी गुट सक्रिय है।

कश्मीर में आतंकवाद

कश्मीर में आतंकवादी गुटों को धार्मिक आधार से जनता का साथ मिलता है। पाकिस्तान और चीन जैसे देशों से उन्हें समर्थन हासिल है। कश्मीर के लोगों को धर्म, धन, हथियार का प्रलोभन देकर कट्टरपंथ की भावना उनके अंदर पैदा की जा रही है। उन्हें भारत की राष्ट्र की धारा से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है।

पंजाब में कश्मीर में आतंकवाद पूर्णतया पृथकतावाद की श्रेणी में आता है। कश्मीर में लगातार आतंकवादी हमलों को देखते हुए ऐसा लगता है कि आतंकवादियों ने सेना व सुरक्षा बल को नुकसान पहुंचाना अपना लक्ष्य मान लिया है जबकि पंजाब में आतंकवादियों का लक्ष्य निर्दोष लोगों की हत्या करना है।

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भारत मे नक्सलवाद की शुरुआत कब हुई

भारत में नक्सलवाद की शुरुआत पश्चिम बंगाल के एक गांव नक्सलबाड़ी से सन 1967 में हुई थी । यहां पर नक्सलबाड़ी गांव के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एक आंदोलन किया था। लेकिन वहां के राजनेताओं ने पुलिस के माध्यम से उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास किया और आगे चलकर यह आंदोलन भारत के लिए एक खतरा बन गया।

आतंकवादी कार्यवाही के लक्ष्य क्या होते हैं।

आतंकवादियों की हमला करने की रणनीति होती है उनके कुछ लक्ष्य होते हैं इन लक्ष्यों के आधार पर वह आतंकवाद को फैलाते हैं और जगह-जगह हमला करते हैं।

आतंकवादियों का सबसे पहला लक्ष्य होता है सुनिश्चित ढंग से प्रमुख-प्रमुख जगहों को चुनना और उन पर आतंकवादी हमला करना। आतंकवादी ऐसी जगह को निशाना बनाते हैं जहां ज्यादा से ज्यादा नुकसान किया जा सके और लोगों को ज्यादा से ज्यादा मारा जा सके।

  • विश्व में कहीं भी यदि आतंकवादी हमले होते हैं तो उस आतंक और हिंसा की बढ़-चढ़कर जिम्मेदारी लेते हैं।
  • ऐसा करने का उनका एक लक्ष्य होता है सरकार से अपनी बात को मनवाना। सत्ता से लाभ प्राप्त करना।
  • लोगों को डराने और धमकाने आतंकवादियों का मुख्य उद्देश्य होता है।
  • समाज में अशांति करना अराजकता को फैलाना आतंकवादियों का सबसे बड़ा उद्देश्य होता है।

आतंकवाद को रोकने के उपाय

आतंकवाद को रोकने के लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, प्रशासनिक, शैक्षणिक, सामाजिक, आध्यात्मिक, सभी क्षेत्रों में सोचने की आवश्यकता है। हम अगर यह सोचे कि इन क्षेत्रों में से किसी एक क्षेत्र में सुधार करके आतंकवाद का सफाया किया जा सकता है, तो ऐसा संभव नहीं है आतंकवाद का सफाया करने के लिए इन सभी क्षेत्रों में पूरे विश्व को प्रयास करना होगा। धर्म की स्पष्ट अवधारणा लोगों के सामने रखना होगी क्योंकि भारत सहित पूरे विश्व में आतंकवाद धर्म के आधार पर होता है।

भारत मे अब तक हुए आतंकवादी हमले

भारत में अब तक हुए आतंकवादी हमले की लिस्ट हम यहां दे रहे है।

मुंबई सीरियल ब्लास्ट : 12 मार्च 1993 को पूरे मुंबई में सीरियल धमाके हुए इस हमले में 257 लोग मारे गए थे जबकि 713 लोग घायल हुए थे।

कोयंबटूर धमाका : 14 फरवरी 1998 को कोयंबटूर में  अलग-अलग जगहों पर 12 बम धमाके हुए इनमें 5 लोगों की मृत्यु हो गई जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

जम्मू कश्मीर विधानसभा पर हुआ आतंकवादी हमला : 1 अक्टूबर 2001 को तीन आतंकवादीयो ने  जम्मू कश्मीर विधानसभा भवन पर हमला किया इस हमले में 38 लोग मारे गए।

संसद पर हमला : 13 दिसंबर 2001 को पांच आतंकवादीयो ने संसद भवन परिसर में हमला किया इस हमले में 6 पुलिसकर्मी और तीन संसद भवन कर्मी मारे गए जबकि सुरक्षाबलों ने सभी आतंकवादियों को मार गिराया।

अक्षरधाम मंदिर पर हमला : 24 सितंबर 2002 को हुए अक्षरधाम मंदिर हमले में 31 लोग मारे गए जबकि 80 लोग घायल हो गए।

दिल्ली में हुए बम धमाके : मुंबई की तरह ही 29 अक्टूबर 2005 को आतंकवादियों ने दिल्ली में दो जगह पर बम धमाके किये  इसमें कुल 63 लोग मारे गए जबकि 210 लोग घायल हुए हैं।

मुंबई ट्रेन धमाका : 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों के फर्स्ट क्लास कोच में पांच जगह विस्फोट हुए इन विस्फोटों में 210 लोग मारे गए और 715 लोग जख्मी हुए।

26/11 मुम्बई आतंकवादी हमला : 26 नवंबर 2008 को 10 आतंकवादियों ने मुंबई की कई जगहों पर अंधाधुंध फायरिंग की जिसमें उन्होंने नरीमन हाउस, ताज होटल ओबेरॉय होटल को अपने कब्जे में ले लिया था। इस पूरे हमले में करीब 180 लोगों की मृत्यु हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए।

पठानकोट हमला : 2 जनवरी 2015 को पठानकोट एयरवेज पर 5  पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हमला किया इस हमले में भारत के 7 जवान शहीद हुए थे।

उरी हमला : 18 सितंबर 2016 को जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर एक आतंकवादी हमला हुआ इस आतंकवादी हमले में 16 जवान शहीद हो गए और चार आतंकवादी मारे गए यह भारतीय सेना पर किया गया सबसे बड़ा हमला।

इस आतंकवादी हमले के होने के कुछ दिनों बाद भी भारत में पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया।

पुलवामा हमला : 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षाकर्मियों को ले जाने वाले सीआरपीएफ के वाहनों के काफिले पर आतंकवादियों ने हमला किया इस हमले में 45 भारतीय सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई यह हमला जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में हुआ था।

निष्कर्ष

आज की पोस्ट में हमने आतंकवाद पर निबंध के बारे में आप लोगों को पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। यदि आपको हमारी लिखी हुई यह पोस्ट पसंद आई हो तो आप इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों के पास शेयर करिये। इसी तरह एजुकेशन से सम्बंधित पोस्ट को पढने लिये आप हमारी वेबसाइट को बुकमार्क कर ले।

पोस्ट पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद 

 

FAQ

प्रश्न – जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 के हटने से क्या आतंकवाद कम हो चुका है ?

उत्तर – जम्मू कश्मीर में बढ़ रहे आतंकवाद को देखते हुए धारा 370 का हटना बहुत जरूरी हो गया था। धारा 370 के हटने के बाद अब जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमले बहुत ही कम हो चुके हैं।

 

प्रश्न – आतंकवादी विरोधी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है ?

उत्तर – 21 मई 1991 को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी की तमिलनाडु मैं हत्या कर दी। इसी दिन से आतंकवादी विरोधी दिवस बनाया जाता है।

आतंकवादी विरोधी दिवस मनाने का उद्देश्य आतंकवाद के कारण आम जनता को हो रही परेशानी से दूर करना है। इसी उद्देश्य से भारत के स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों में 21 मई को आतंकवाद के मुद्दे पर बड़े-बड़े सेमिनारओं का आयोजन किया जाता है जिसमें लोगों को आतंकवाद से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाता है।

प्रश्न – आतंकवाद क्या है ?

उत्तर – जब दूसरे देश का नागरिक या संगठन या फ़ौज अपने देश के फायदे के लिये किसी दूसरे देश को नुकसान पहुचाये तो वह आतंकवाद की श्रेणी में आता है।

प्रश्न – टेरर फंडिंग क्या है ?

उत्तर – यह फंडिंग बड़े-बड़े ट्रस्टों के द्वारा आतंकवादियों को दिया जाने वाला पैसा होता है। जिसे अलग-अलग माध्यमो से आतंकवादियों तक पहुचाया जाता है। और आतंकवादी इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को फैलाने में करते है।

प्रश्न – भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी कौन है ?

उत्तर – भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी दाऊद इब्राहिम है। दाऊद इब्राहिम को 1993 में हुए मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद आतंकवादी घोषित किया गया था। यह पूरी दुनिया में मोस्ट वांटेड की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं।

 

 

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