भ्रष्टाचार पर निबंध – Essay on Corruption in Hindi 10th & 12th

 Essay on Corruption in Hindi-इस लेख में हम भ्रष्टाचार के ऊपर विस्तार के चर्चा करने वाले है,यह निबंध क्लास 10th और क्लास 12th दोनों क्लास के बच्चों के लिए हैं। यदि आप क्लास 10th और 12th  क्लास के छात्र हैं तो आपको यह निबंध याद कर लेना चाहिए। भारत में भ्रष्टाचार बहुत ही व्यापक रूप से फैल चुका है इसलिए भ्रष्टाचार पर निबंध आना स्वभाविक सी बात है। तो आपको इसको बहुत ही अच्छी तरीके से समझ के साथ पढ़ना होगा चाहे आप क्लास 8, 9,10, 12th के छात्र हो।

प्रस्तावना

भ्रष्टाचार शब्द दो शब्दों “भ्रष्ट” और “आचार‘ को जोड़कर बना है। भ्रष्ट का अर्थ है “अपने स्थान से विचलित” अथवा घिरा हुआ. आचार का अर्थ है आचरण या व्यवहार इस प्रकार किसी व्यक्ति के द्वारा अपनी गरिमा से गिरकर किया गया कार्य भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार पूरे भारत में कोरोनावायरस की तरह फैल रहा है यह भारत को अंदर ही अंदर से खोखला करता चला जा रहा है। पूरे भारत की व्यवस्था प्रणाली में भ्रष्टाचार ने अपनी एक जगह बनाली है। लोग अपनी तरक्की को आगे बढ़ाने के लिए भ्रष्ट नीतियों का पालन करते हैं और उनको अपनाते हैं।

लोग सत्य के मार्ग पर तरक्की पाने के जगह भ्रष्ट नीतियों को अपनाते हैं (Essay on Corruption in Hindi) उदाहरण के तौर पर किसी दफ्तर में प्रमोशन चाहिए या नौकरी चाहिए तो वह रिश्वत देकर अपना काम करवा लेते हैं। यह न्याय व्यवस्था के खिलाफ है आजकल विडंबना यह है कि अगर ऐसे लोग रिश्वत लेने या देने के जुर्म में पकड़े भी जाते हैं तो रिश्वत देकर छूट भी जाते हैं।

भ्रष्टाचार के लिए ज्यादातर हम देश के राजनेताओं को जिम्मेदार मानते हैं पर सच यह है कि देश का आम नागरिक भी भ्रष्टाचार के विभिन्न स्वरूप में भागीदार है।

आज भारत में भ्रष्टाचार हर क्षेत्र में बढ़ रहा है कालाबाजारी, जानबूझकर चीजों के दाम बढ़ाना, अपने स्वास्थ्य के लिए चिकित्सा जैसे क्षेत्र में भी जानबूझकर गलत ऑपरेशन करके पैसे कमाना, हर काम पैसे लेकर करना, किसी भी सामान को सस्ते में लाकर महंगे में बेचना, चुनाव धांधली, घूस लेना, टैक्स चोरी करना, ब्लैकमेल करना परीक्षा में नकल करवाना, परीक्षार्थी का गलत तरीके से मूल्यांकन करना, हफ्ता वसूली करना, न्यायाधीशों द्वारा पक्षपातपूर्ण निर्णय, वोट के लिए पैसे और शराब बांटना, पैसे लेकर रिपोर्ट छापना, यह सब भ्रष्टाचार है और यह दिन प्रतिदिन भारत के अलावा अन्य देशों में भी बढ़ रहा है। आज पूरी दुनिया में भारत भ्रष्टाचार के मामले में 94 वे स्थान पर है।

भारत में भ्रष्टाचार ने इस कदर अपनी जड़ें मजबूत कर ली है कि लोगों की मानसिकता ही रिश्वत लेना और देना बन चुका है जबकि रिश्वत लेना और देना दोनों कानून की नजरों में जुर्म है।

भ्रष्टाचार का उदाहरण हाल ही में कोरोना महामारी के दौरान देखने को मिला जहां पूरा विश्व कोरोना के भय में था। वहीं कुछ चिकित्सा क्षेत्रों ने इसे और भड़काने का काम किया उन्होंने मनमानी फीस ली, गलत कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट बनाई, कोरोना महामारी के दौरान भ्रष्टाचार ने अपना क्षेत्र और भी व्यापक कर लिया है।

 

भ्रष्टाचार के विविध रूप– Essay on Corruption in Hindi

वर्तमान में भ्रष्टाचार की जड़ें व्यापक रूप से फैली है। भारत का लगभग पूरा सिस्टम ही भ्रष्ट है। इसके विभिन्न रूप कुछ इस प्रकार देखने को मिलते हैं।

रिश्वत- Essay on Corruption in Hindi

अपनी सुविधा का ध्यान रखते हुए आम लोग रिश्वत देते हैं, यह सुविधा कुछ भी हो सकती है। इसे सभ्य समाज में सुविधा शुल्क कहा जाता है। किसी भी कार्य को शीघ्रता से कराने के लिए रिश्वत ली जाती है।

भाई-भतीजावाद– Essay on Corruption in Hindi

भारत में भाई-भतीजावाद एक मुख्य विषय है भारत की राजनीति से लेकर नौकरी तक मैं भाई-भतीजावाद घुसा हुआ है। लोग अपने सगे संबंधियों को पहले प्राथमिकता देते हैं इस कारण भारत में बेरोजगारी बढ़ रही है।

भारत का प्रत्येक व्यक्ति यह सोचता है कि मेरा बेटा, भाई या रिश्तेदार को पहले प्राथमिकता मिले चाहे वह अनपढ़ ही क्यों ना हो। और इस कार्य को पूरा करने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी जाती है यह भारत की जड़ों को खोखला कर रहा है। इस कारण एक पढ़ा लिखा व्यक्ति यदि गरीब है तो उसकी कोई गारंटी नहीं कि वह नौकरी ले ले। और यदि उसके पास पैसे हैं तो वह रिश्वत के दम पर कहीं भी नौकरी ले सकता है।

कमीशन

प्रत्येक चीज में कमीशन लोगों की प्राथमिकता बन चुकी है लोग पहले अपने कमीशन की बात करते हैं उसके बाद सोचते हैं। की ये काम मुझे करना है या नही सरकारी / अर्द्ध सरकारी / ठेकों कार्य में कमीशन बाजी।

यौन शोषण

यह भ्रष्टाचार का नया रूप है। एक प्रभावशाली व्यक्ति अपने से नीचे के स्तर की गैर लिंगी को लाभ पहुंचाने के लिए उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसका यौन शोषण करता है। किसी भी महिला को लाभ पहुंचाने के बदले उसका यौन शोषण करना भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।

 

भ्रष्टाचार के कारण

  • जब किसी को अभाव के कारण कष्ट होता है तो वह भ्रष्ट आचरण करने के लिए विवश हो जाता है।
  • असमानता , आर्थिक , सामाजिक या सम्मान , पद-प्रतिष्ठा के कारण भी व्यक्ति अपने आप को भ्रष्ट बना लेता है।
  • मनुष्य को जल्दी आगे बढ़ने की चाह, ज्यादा पैसे कमाने की चाह और लालच

महंगी शिक्षा

  • भ्रष्टाचार के कारण शिक्षा का व्यवसायीकरण हो गया है।
  • भारत का युवा अधिक पैसे खर्च कर उच्च पद पर पहुंच तो जाता है। लेकिन फिर जो पैसा उसने अपनी पढ़ाई में लगाया है।
  • उसको निकलने के लिये भ्रष्टाचार करता है।

लाचार न्याय व्यवस्था

भारत की न्याय व्यवस्था बहुत ही नाजुक है। भारत में अमीर लोग अपने धन और बल के कारण किसी भी जुर्म से बच जाते हैं। और एक गरीब व्यक्ति सालो तक कोर्ट के चक्कर काटता रहता है।

जन जागरण का अभाव– Essay on Corruption in Hindi

लोगों में जागरूकता की कमी है। और यह भारत की बहुत बड़ी कमी है। धन के आगे सब कुछ बेकार यदि आपके पास पैसा है तो सब कुछ आपको प्राप्त हो सकता है लेकिन यदि आपके पास पैसा नहीं है तो आपको कुछ भी प्राप्त नहीं होगा।

भ्रष्टाचार का निवारण

जब तक इस अपराध के लिए कोई कड़ा दंड नहीं दिया जाएगा तब तक यह बीमारी दीमक की तरह पूरे देश को खा जाएगी लोगों को स्वयं में ईमानदारी विकसित करना होगा आने वाली पीढ़ी तक सुआचरण के फायदे पहुंचाने होंगे।

जन आंदोलन

भ्रष्टाचार को रोकने का सबसे मजबूत उपाय है जन आंदोलन इसके द्वारा लोगों में जागरूकता फैलाकर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है।

कठोर कानून

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार की तरफ से कठोर से कठोर कानून बनाए जाएं। ताकि लोगों को पता चल सके कि भ्रष्टाचार करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता है। इससे होगा यह कि भ्रष्टाचार करने वाला कानून से डरेगा और भ्रष्टाचार करने के पहले 10 बार सोचेगा।

निशुल्क शिक्षा और उच्च शिक्षा

भारत के प्रत्येक व्यक्ति को निशुल्क शिक्षा दी जाए क्योंकि जो व्यक्ति 10 या 20 लाख रुपए खर्च करके उच्च पद पर पहुंच जाता है तो वह व्यक्ति 50 लाख या 1 करोड़ रुपए उस पद से कमाने की सोचता है। निशुल्क शिक्षा के कारण भ्रष्टाचार भी कम होगा क्योंकि जब व्यक्ति का अपने घर में से शिक्षा पर कोई खर्च नहीं करेगा। तो भ्रष्टाचार कम होगा।

पारदर्शिता– Essay on Corruption in Hindi

भारत के प्रत्येक कार्यालय में और कार्य में पारदर्शिता होनी चाहिए। क्योंकि लोग गोपनीय तरीके से ही भ्रष्टाचार करते हैं यदि सबके सामने कोई कार्य किया जाए तो भ्रष्टाचार नहीं होगा।

प्रशासकीय सुधार

यदि भ्रष्टाचार को समाप्त करना है तो हमें प्रशासकीय सुधार करना आवश्यक है क्योंकि जो लोग रिश्वत लेते हैं उन्हें तुरंत नौकरी से निकाल देना चाहिए।

कार्यस्थल पर व्यक्ति की सुरक्षा व संरक्षण

कई व्यक्ति ईमानदारी की राह पर चलना चाहते हैं. लेकिन उन्हें कुछ लोग इमानदारी की राह पर नहीं चलने देते उनसे गलत काम करवाते हैं और करते हैं इस बात को ध्यान में रखते हुए ईमानदार व्यक्ति को सुरक्षा और संरक्षण की आवश्यकता है।

समाज कल्याण संस्थाओं की स्थापना– Essay on Corruption in Hindi

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए समाज कल्याण संस्थाओं पर बल देना चाहिए

भ्रष्टाचार विरोधी दिवस

दुनिया भर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए ही 9 दिसंबर को “अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस” मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 31 अक्टूबर 2003 को एक प्रस्ताव पारित कर अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाये जाने की घोषणा की।

भारत में बढ़ता भ्रष्टाचार– Essay on Corruption in Hindi

भारत में भ्रष्टाचार बहुत अधिक मात्रा में बढ़ चुका है। भारत के हर एक क्षेत्र में भ्रष्ट व्यक्तियों का बोलबाला है। यह लोग देश के विकास में सहयोग देने की के बजाय देश को लूटने में लगे हुए हैं।

उपसंहार

भ्रष्टाचार हमारे नैतिक जीवन मूल्यों पर सबसे बड़ा प्रहार है भ्रष्टाचार से जुड़े लोग अपने स्वार्थ में अंधे होकर राष्ट्र का नाम बदनाम कर रहे हैं अतः यह बेहद ही आवश्यक है कि हम भ्रष्टाचार केएस जहरीले सांप को कुचल डाले साथ ही सरकार को ही भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे जिससे हम एक भ्रष्टाचार मुक्त भारत के सपने को सच कर सकें।

 

 

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